जितेन्द्र गुप्ता, जालौन
जनपद में पड़ रही भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए आमजन की सुरक्षा और राहत व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय आधी रात स्वयं सड़क पर उतर आए। उनके साथ अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा बायडबाल और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने उरई स्थित रैन बसेरा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने साफ-सफाई, गर्म पानी की व्यवस्था, बिस्तर, प्रकाश और सुरक्षा इंतजामों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ठंड के इस दौर में कोई भी गरीब, निराश्रित व्यक्ति या यात्री खुले आसमान के नीचे सोने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान प्लेटफार्म पर ठंड से ठिठुरते हुए सो रहे यात्रियों को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने स्वयं कंबल वितरित किए। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे यात्रियों और निराश्रितों को समझाकर नजदीकी रैन बसेरों में पहुंचाया जाए, जहां उन्हें सुरक्षित और गर्म वातावरण मिल सके।

जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के प्रमुख चौराहों, रैन बसेरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और शीतलहर से बचाव के सभी इंतजाम समय से पूरे करने पर जोर दिया।डीएम ने बताया कि उरई, कोंच, कालपी, माधौगढ़, जालौन सहित अन्य क्षेत्रों में लगातार अलाव जलवाए जा रहे हैं और जरूरतमंदों को खुले में सोने के बजाय रैन बसेरों में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
