हर घर जल योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अवशेष सड़क व पाइपलाइन कार्य 31 जनवरी तक पूरे करने के निर्देश
जितेन्द्र गुप्ता✍️
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर जल योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने योजना की धीमी रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि शेष सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

समीक्षा में बताया गया कि योजना के अंतर्गत जनपद में लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई की गई थी, जिनमें से 1260 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि 264 ग्राम पंचायतों में करीब 330 किलोमीटर सड़क निर्माण अब भी लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं जीवीपीआर एवं बीजीसीसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 31 जनवरी तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में सड़क पुनर्निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।
बैठक में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्यों के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने से बीते चार माह से अनेक गांवों में जलापूर्ति बाधित है। इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित निर्माण खंडों को निर्देश दिए कि ग्राम कुरकुरू, करथरा, गुढ़ा, सिमरिया, टीहर, धन्जा एवं गिरथान सहित सभी प्रभावित गांवों में क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत कर जनवरी माह के भीतर जलापूर्ति बहाल कराई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिया एवं कल्वर्ट निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों के प्राक्कलन में पाइपलाइन शिफ्टिंग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को आदेश दिया कि किसी भी खुदाई कार्य से पूर्व प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वर्क प्लान साझा किया जाए, ताकि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कोटा मुस्तकिल पेयजल योजना के अंतर्गत इंटेकवेल एवं जल शोधन संयंत्र को स्वतंत्र फीडर से जोड़ा जाना आवश्यक है, जिससे लो वोल्टेज की समस्या समाप्त हो सके। उन्होंने सहाव, धनौरा कलां, सरावन, सारंगपुर, मिझौना, सिंगपुरा एवं चतेला नलकूप पेयजल योजनाओं में लगाए गए ट्रांसफॉर्मरों पर दो दिन के भीतर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि मैनपॉवर बढ़ाकर सड़क पुनर्निर्माण, पाइपलाइन मरम्मत और जलापूर्ति कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर घर जल योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता नमामि गंगे ग्रामीण अंचल गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

