खिलाड़ियों को मिलेगा नया मैदान, 31 मार्च 2026 तक निर्माण के निर्देश
तालाब बनेगा गांव की पहचान, सौंदर्यीकरण व हरियाली से संवरेगा प्राकृतिक सौंदर्य
जितेंद्र गुप्ता ✍️| जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ० दुर्गेश कुमार ने आज विकास खण्ड रामपुरा के ग्राम बिजुआपुर एवं ग्राम बावली का स्थलीय भ्रमण कर गांव की गलियों में पैदल घूमते हुए केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जमीनी सत्यापन किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर आवास, पेंशन, राशन, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।इसके उपरांत ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जनचौपाल में जिलाधिकारी ने ग्राम में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन कराया तथा ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत, समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।खेल मैदान व तालाब सौंदर्यीकरण के निर्देशनिरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि ग्राम में खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल हो सके।साथ ही ग्राम में स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, चारों ओर पाथवे निर्माण तथा वृहद वृक्षारोपण कराए जाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्राम का प्राकृतिक सौंदर्य विकसित हो और ग्रामीणों को स्वच्छ व स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनी राधिकाजनचौपाल के दौरान एक भावुक दृश्य उस समय सामने आया जब 08 वर्षीय बालिका राधिका स्वयं मंच पर आई और अपनी आपबीती साझा की। बालिका ने बताया कि उसकी माता का देहांत हो चुका है तथा पिता ने उसे छोड़ दिया है। उसने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि वह पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बनना चाहती है।बालिका की बात सुनकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ० दुर्गेश कुमार ने उसे अपने पास बैठाया और सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि इस बेटी की शिक्षा सहित समस्त आवश्यक खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बालिका को बाल सेवा योजना सहित उत्तर प्रदेश सरकार की अन्य प्रासंगिक कल्याणकारी योजनाओं से तत्काल लाभान्वित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा किसी भी जरूरतमंद बच्चे को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन हर पात्र व्यक्ति के साथ खड़ा है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के०के० सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशान्त पाण्डेय, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
