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जितेन्द्र गुप्ता, जालौन

छात्र हितों की लड़ाई से लेकर समाज सेवा तक, रक्तदान अभियान से अनगिनत जीवन बचाने वाला, राष्ट्रनिर्माण का आधार बनने वाला संगठन है विद्यार्थी परिषद : रंगनाथ पांडेय

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कानपुर प्रांत का 65 वां प्रांत अधिवेशन का उद्घाटन समारोह वीर अभई नगर,उरई में आयोजित हुआ। उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में रिटायर्ड जस्टिस रंगनाथ पांडेय, विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तरप्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी, मुख्य वक्ता अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ . अनिल यादव, स्वागत समिति के मंत्री अरविंद सिंह चौहान , अभाविप प्रांत अध्यक्ष डॉ. बृजेश मिश्रा, प्रांत मंत्री दिनेश यादव उपस्थित रहें।

उद्घाटन समारोह के पूर्व सत्र 2025–26 के लिए कानपुर प्रांत की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठनात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत डॉ. बृजेश मिश्र को पुनः कानपुर प्रांत अध्यक्ष तथा दिनेश यादव को प्रांत मंत्री के रूप में नव निर्वाचित किया गया।इस अवसर पर परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित दायित्ववानों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में अभाविप छात्र हितों, राष्ट्रवादी शिक्षा और संगठन विस्तार के लक्ष्यों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

मुख्य अतिथि रिटायर्ड जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी परिषद वह छात्र संगठन है जो आम छात्र के भीतर देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति के गुणों को विकसित कर उसे राष्ट्र की शक्ति में परिवर्तित करता है और युवाओं में नेतृत्व, चरित्र, अनुशासन तथा राष्ट्रनिष्ठा जैसे मूल्यों का संचार कर राष्ट्र पुनर्निर्माण का आधार तैयार करता है।यह विश्व का एकमात्र छात्र संगठन है जो न केवल छात्र हितों की लड़ाई लड़ता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए संघर्ष, संवेदनशीलता और संस्कार की त्रिवेणी को भी जीवंत करता है।रक्तदान का व्यापक और सतत अभियान चलाकर अनेकों जीवनों को नई सांस, नया विश्वास और नई आशा देने वाला छात्र संगठन यदि कोई है तो वह केवल और केवल—विद्यार्थी परिषद है।

विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की विचारधारा से जुड़ा हुआ एक सशक्त आंदोलन है। अभाविप ने सदैव छात्र हितों, शैक्षिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को केंद्र में रखकर कार्य किया है।
आज का छात्र ही कल का नेतृत्व है और अभाविप ऐसे नेतृत्व का निर्माण करती है जो शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत होता है। कानपुर प्रांत का यह 65वाँ प्रांत अधिवेशन संगठन की निरंतर सक्रियता, अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।उन्होंने कहा कि अभाविप द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता, समान अवसर और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। संगठन ने सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए छात्र समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्य वक्ता अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थी परिषद की यात्रा केवल वर्षों की नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण की यात्रा है। स्थापना काल से लेकर आज तक अभाविप ने सदैव छात्र हितों की रक्षा, शैक्षिक अधिकारों की लड़ाई और शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर संघर्ष किया है ।उन्होंने कहा कि जब भी छात्र समाज के अधिकारों पर प्रहार हुआ है, अभाविप ने बिना किसी भय के सड़क से सदन तक छात्र हितों की आवाज बुलंद की है। चाहे फीस वृद्धि का मुद्दा हो, शैक्षिक अनियमितताएं हों, रोजगारोन्मुखी शिक्षा की मांग हो या छात्र सुरक्षा का विषय—हर मोर्चे पर अभाविप अग्रिम पंक्ति में खड़ी रही है।

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