जितेन्द्र गुप्ता ✍️
उरई, माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दिनांक 11 मार्च 2026 को न्यायिक अधिकारियों की अनुश्रवण समिति ने जनपद में संचालित दो शेल्टर होम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम तथा मोहल्ला लहरियापुरवा में संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों ने आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जांच की।सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था, एफ-473 गुजैनी रतनलाल नगर कानपुर नगर के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया गया। यहां 118 संवासी उपस्थित पाए गए। उपस्थित पंजिका के अनुसार रात्रिकालीन कर्मचारियों और प्रबंधक को छोड़कर सभी कर्मचारी मौजूद मिले।

प्रबंधक संदीप सिंह के बारे में जानकारी देने पर कर्मचारियों ने बताया कि उनके पिता की तबीयत खराब होने के कारण वे अपने गृह जनपद गए हुए हैं।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संवासियों से बातचीत कर चाय-नाश्ता और सुबह-शाम के भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। संवासियों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन मिल रहा है। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी के निरीक्षण में स्टाफ नर्स मौजूद मिली। उनसे संवासियों के उपचार और प्राथमिक चिकित्सा के लिए उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली गई। पूछताछ के दौरान किसी भी संवासी ने कोई समस्या नहीं बताई।इसके बाद न्यायिक अधिकारियों की टीम ने नगर पालिका परिषद उरई के सहयोग से मोहल्ला लहरियापुरवा में लखनऊ के एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय प्रबंधक सहित कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। मेडिकल डिस्पेंसरी के निरीक्षण में दवाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं पाई गईं। साथ ही आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि तक कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला। बताया गया कि एसडीआरएफ की टीम पूर्व से ही आश्रय गृह में रुकी हुई थी।निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी शामिल रहीं। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन (उरई) के लिपिक शुभम शुक्ला भी उपस्थित रहे।
