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जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित पल्स पोलियो बूथ दिवस का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने नवजात शिशुओं को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि बच्चों को दिव्यांगता से बचाने के लिए पोलियो की दवा अत्यंत आवश्यक है।जिलाधिकारी ने कहा कि पोलियो रोग के प्रति 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए दवा पिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि पोलियो टीमों के आने पर पूर्ण सहयोग करते हुए अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से दवा पिलवाएं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय-अंतराल पर पल्स पोलियो अभियान, विटामिन-ए कार्यक्रम, मीजिल्स-रूबैला उन्मूलन सहित अन्य टीकाकरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र कुमार भिटौरिया ने जानकारी दी कि जनपद में पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत कुल 1188 बूथ बनाए गए हैं, जिन पर आज 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 2,19,356 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बूथ पर दवा पीने से छूट जाएंगे, उन्हें 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर 2025 तक 590 टीमों द्वारा 3,31,802 घरों में घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। घर-घर भ्रमण करने वाली टीमों के पर्यवेक्षण हेतु 190 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त 22 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के उपरांत गांवों के बाहर अथवा बीमार होने के कारण दवा से वंचित रह गए बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी। यात्रा करने वाले बच्चों को कवर करने के लिए 41 ट्रांजिट टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान की प्रतिदिन सायं समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीरेंद्र सिंह, डॉ. आनंद प्रकाश वर्मा, जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद उपाध्याय, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. एस.के. पाल, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनेश कुमार, अपर शोध अधिकारी आर.पी. विश्वकर्मा, अंकिता त्रिपाठी सहित जिला महिला चिकित्सालय का स्टाफ उपस्थित रहा।

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