जितेन्द्र गुप्ता जालौन
झांसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आकाश कुलहरि के दो दिवसीय जालौन दौरे के दूसरे दिन उरई कोतवाली में उस समय हड़कंप मच गया, जब निरीक्षण के दौरान एक महिला फरियादी की शिकायत पर एक दरोगा को तत्काल निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर तीन पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए। आईजी आकाश कुलहरि ने उरई कोतवाली का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में अव्यवस्थाएं मिलने पर आईजी नाराज दिखे और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

इसी दौरान आयोजित जनता दरबार में एक महिला फरियादी ने कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह पर वॉट्सऐप के माध्यम से अश्लील संदेश भेजने का गंभीर आरोप लगाया।

महिला ने इस संबंध में आईजी को चैट के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी आकाश कुलहरि ने दरोगा नरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।निरीक्षण के दौरान आईजी ने यह भी पाया कि स्थानांतरण हो जाने के बावजूद तीन पुलिसकर्मी सरकारी आवासों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं।

इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए आईजी ने तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने के आदेश दिए और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित कर्मचारी तत्काल सरकारी आवास खाली करें। आईजी ने दो टूक कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके बाद आईजी आकाश कुलहरि ने उरई कोतवाली परिसर में जनता दरबार आयोजित कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि फरियादियों के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार किया जाए तथा शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को सुरक्षा और न्याय दिलाना है और कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है।
इसी क्रम में आईजी आकाश कुलहरि ने जालौन के उरई पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का भी निरीक्षण किया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की मौजूदगी में दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिस बल ने अभ्यास में भाग लिया। ड्रिल के दौरान हेलमेट, ढाल, लाठी, बॉडी प्रोटेक्टर सहित अन्य उपकरणों के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया गया।

आईजी ने पुलिस बल की तत्परता, टीमवर्क और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस का मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने नियमित रूप से ऐसे अभ्यास कराने के निर्देश दिए और कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी
