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जितेन्द्र गुप्ता, जालौन ✍️

सुशासन सप्ताह एवं प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जनपद में शासन की मंशा धरातल पर साकार होती दिखाई दी।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने खण्ड विकास महेवा के ग्राम नूरपुर पहुंचकर न केवल चौपाल लगाई, बल्कि गांव की गली-गली घूमकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।इस अवसर पर अधिकारियों ने बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी समझाया कि आमजन इन योजनाओं का लाभ कैसे सरलता से प्राप्त कर सकते हैं।

गांव में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब प्रशासन खुद लोगों के द्वार तक पहुंचा और उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना।ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से गलियों में कीचड़ हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है।

समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इन कुओं को संरक्षित एवं पुनर्जीवित किया जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विरासत भी सुरक्षित रह सके।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सहयोग पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हर समय जनता के साथ खड़ा है।यह पूरा अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन अब फाइलों से निकलकर गांव की गलियों में उतर आया है। समस्याओं को दूर से नहीं, बल्कि आंखों से देखकर और कानों से सुनकर समाधान किया जा रहा है। शासन की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।नूरपुर गांव में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए विश्वास, संवाद और विकास का प्रतीक बन गई, जिसने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई है।इस अवसर पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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