जितेन्द्र गुप्ता ✍️
जगम्मनपुर (जालौन), पंचनद धाम, जो विश्व में पांच नदियों के संगम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, अब आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां पर्यटन विभाग द्वारा विकसित की गई “तुलसी वाटिका” इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

इस वाटिका का जीर्णोद्धार क्षेत्रीय विधायक मूलचंद निरंजन और जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के निरंतर प्रयासों से संभव हो पाया है, जिससे इस पावन स्थल को नया स्वरूप मिला है और यहां आने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी ने मुकुंदवन महाराज (बाबा साहब) से भेंट की थी, जिससे इस स्थल की आस्था और भी गहरी हो जाती है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां पत्थर की कुर्सियां, स्वच्छ शौचालय, कैंटीन सहित कई मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल रही है।

साथ ही लगभग 500 वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष को संरक्षित किया गया है, जो इस स्थान की ऐतिहासिक पहचान को जीवंत बनाए हुए है। इसके अलावा मंदिर के पास स्थित प्राचीन कुएं का भी जीर्णोद्धार कराया गया है, जो सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

“तुलसी वाटिका” अब न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रही है, बल्कि एक सुंदर और व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में भी उभर रही है, जहां लोग शांति, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। यदि आपने अभी तक इस पावन स्थल के दर्शन नहीं किए हैं, तो एक बार अवश्य जाएं और इस दिव्य वातावरण का अनुभव करें।
