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बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक से की गई कार्रवाई की मांग

जितेन्द्र गुप्ता✍। उरई (जालौन)

जनपद जालौन के नदीगांव क्षेत्र में तैनात एक सरकारी शिक्षक पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से प्राइवेट कोचिंग संचालित करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार दिनेश प्रताप सिंह पुत्र ब्रजराज सिंह, जो कि सरकारी अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, बिना किसी पंजीकरण के निजी कोचिंग का संचालन कर रहे हैं और बच्चों से मोटी फीस वसूली जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उक्त कोचिंग सेंटर के पास न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा आए दिन सड़क पर झगड़ा करने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे क्षेत्र में किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि संबंधित शिक्षक नियमित रूप से अपने सरकारी विद्यालय में उपस्थित नहीं रहते। जब इस विषय में उनसे सवाल किया जाता है तो वे कथित रूप से यह कहते हैं कि उनकी उच्च अधिकारियों से नजदीकी है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी जालौन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी पद पर रहते हुए इस प्रकार की गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि गरीब बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

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