जितेन्द्र गुप्ता ✍️
‘‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’’ के अंतर्गत रानी लक्ष्मीबाई सभागार, विकास भवन उरई में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग एवं पंचायतीराज विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम प्रधानों एवं जिला पंचायत सदस्यों के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण ट्रेनर कुलदीप गुप्ता के सहयोग से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ० दुर्गेश कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा। वर्चुअल बैठक के माध्यम से ग्राम प्रधानों व जिला पंचायत सदस्यों को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन एवं दुर्घटना के समय त्वरित सहायता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ० दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी के०के० सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश कुमार, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, विकास याज्ञिक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंचायतीराज विभाग की मुख्य भूमिका रही।मुख्य विकास अधिकारी के०के० सिंह ने ग्राम प्रधानों से ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा समिति के गठन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम में समिति बनाकर गोष्ठियों का आयोजन किया जाए, जिससे आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके और सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।प्रशिक्षण के दौरान राहवीर योजना एवं कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति की निःस्वार्थ सहायता करने की अपील करते हुए बताया कि समय पर मदद से कई जानें बचाई जा सकती हैं।साथ ही वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, तेज गति से वाहन न चलाने, स्टंट न करने, गलत दिशा में वाहन न चलाने, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग न करने तथा सामने चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता उत्पन्न करने पर विशेष जोर दिया गया।
