जितेन्द्र गुप्ता ✍️
जनपद में पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति सदस्यों का अभिविन्यास प्रशिक्षण जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जीपीडीपी (GPDP), पीडीआई (PDI), मॉडल ग्राम पंचायतों के प्रधान व प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु 9 प्रमुख विषयों पर आधारित एक स्पष्ट और समन्वित दृष्टिकोण अपनाया गया है। इन विषयों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को विकास की मुख्यधारा में लाकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास की परिकल्पना केवल आधारभूत संरचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समग्र सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय उन्नयन पर आधारित है। इसके अंतर्गत गरीबी मुक्त गाँव, स्वस्थ गाँव, बाल हितैषी गाँव, पर्याप्त जल युक्त गाँव, स्वच्छ एवं हरा-भरा गाँव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गाँव, सामाजिक रूप से सुरक्षित एवं न्यायसंगत गाँव, सुशासन वाला गाँव तथा महिला हितैषी गाँव जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने समिति सदस्यों को कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरक्षण को अनिवार्य रूप से जीपीडीपी का अंग बनाना तैयार किया जाए तथा प्रत्येक पंचायत अपने संसाधनों, आवश्यकताओं और संभावनाओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर योजनाएं बनाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यवहारिक क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा योजनाओं की रूपरेखा, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक सहभागिता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ग्राम स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन का संकल्प लिया।इस अवसर पर परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद आदि अधिकरी सहित ग्राम पंचायतों से प्रधान व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
